
महज साल भर पहले तत्कालीन डीजीपी जावीद अहमद ने ट्विटर सेवा शुरू की थी, और इस सेवा ने न सिर्फ यूपी की जनता का विश्वास और दिल जीता बल्कि पूरी दुनिया में अपनी कामयाबी की अहम् मिशाल पेश की है. ट्विटर सेवा के लिए डीजीपी कार्यालय लखनऊ में खास सोशल मीडिया सेल बनाया गया है. इस ऑफिस से पुलिस के ट्विटर हैंडल पर न सिर्फ नज़र रखी जाती है बल्कि सम्बंधित शिकायत पर प्रभावी कार्यवाही कराने के लिए भी विवश किया जाता है. ट्विटर सेवा से अब तक ऐसे सैकड़ों लोगों की जान पुलिस द्वारा बचाई जा चुकी है. इस सेवा को डीजीपी कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव संभाल रहे हैं. राहुल को इस ट्विटर सेवा के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. आप इसी बात से इस सेवा की प्रभावी व् त्वरित कार्यवाही का अंदाजा लगा सकतें कि जब पुलिस भर्ती बोर्ड की परीक्षा का ऑनलाइन पेपर लीक होने पर अभ्यर्थियों ने प्रदेश पुलिस और डीजीपी के ट्विटर हैंडल पर शिकायत की. जाँच हुई तो शिकायत सही पायी गयी और पूरी परीक्षा निरस्त कर दी गयी. इसके बाद भी लोग उन लोगों के बारे में पुलिस को बताते रहे जिनपर पेपर लीक करने का शक था.
कुलमिलाकर कई प्रकरण व सन्दर्भ में ट्विटर हैंडल पर शिकायत करने में उचित कार्यवाही हुई है.
ट्विटर द्वारा कैसे करती है पुलिस कार्यवाही.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने ट्विटर से समझौता किया हुआ है. जिसके तहत पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारीयों की पद नाम से ट्विटर हैंडल बनाया गया है. इसमें @uppolice @dgpup @adgzonelucknow @igrangelucknow @ssplucknow इस तरह से यूपी के सभी जोन, रेंज और ज़िले की पुलिस के नाम से ट्विटर हैंडल बना हुआ है. जिस क्षेत्र का मामला हो उसी जोन, रेंज या जिला के ट्वीटर हैंडल पर भी शिकायत की ज सकती है. जैसे आपने @uppolice के ट्विटर हैंडल पर कोई शिकायत की तो डीजीपी कार्यालय सम्बंधित ज़िले के पुलिस ट्विटर हैंडल पर शिकायत को अग्रसारित कर देती है और ज़िले की पुलिस उस पर कार्रवाई करती है.
न्यूज मिरर कि तरफ से यूपी पुलिस कि ट्विटर सेवा एवं इसे प्रभावित तरीके से संचालित करने हेतु राहुल जी को आभार व् धन्यवाद, आशा है आप इसी तरह से इस सेवा को संचालित करते रहेंगे.
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