सावधान : लुगाइयाँ खतरें में है
*- प्रदेश सरकार में काबिज होते ही बदले नेताओ और माननीयों के सुर*
*- सीएम द्वारा चलाये जा रहे एंटी भू माफिया अभियान को उन्ही के नेता दिखा रहें हैं ठेंगा*
*- पैत्रिक गढ़ी से लगाकर जनता की जमीनों को लगाया जा रहा है हिल्ले अंधेर नगरी चौपट राजा के तर्ज पर चल रहा है बुन्देलखण्ड*
*- पसंद आई जमीन पर लिया जाता है साम दाम दंड भेद का सहारा फरियादियों के सामने धृतराष्ट्र बना फिरता है प्रशासन*
*- माननीय भू माफियाओ द्वारा कब्जाई जाने लगी है जमीने भविष्य में पराई लुगाइयों पर भी ठोका जा सकता है दावा*
*महोबा, ( रितुराज राजावत ) :*अखिलेश सरकार में बड़ी हाई तौबा मची रहती थी । लोगो के सामने अन्य पार्टियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस तरह से सपा सरकार के कार्यकाल पर टेशू बहाते फिरते थे मानो जैसे राजिस्थान में पैसे कर रोने का काम करने वाली महिलाएं करतीं हैं । चौराहों से लगाकर शादी बारातों तक में माहौल बना कर सपा के खिलाफ अपनी भड़ास का प्रदर्शन इस तरह से किया जाता था जैसे भृस्टाचार में सपा सरकार ने पीएचडी कर रक्खी हो । गमछा धारियों का विशेष मत था कि चुनाव जीतने के बाद हमारी सरकार बनेगी और फिर हम दिखाएंगे की उत्तर प्रदेश का विकाश किस प्रकार से किया जाना चाहिए था । हमारी सरकार में ना ही अवैध खनन होगा ना ही गुंडागिर्दी का बाजार सजेगा । प्रशासन पर हम अपनी तानाशाही चलाएंगे नही और जनता की जमीन पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही कराई जाएगी । समय बदला और मोदी लहर की सुनामी ऐसी चली की वो लोग भी माननीय बन गए जो कभी वार्ड मेम्बरी भी नही जीत सकते थे । सत्ता में काबिज कोने के उपरांत वर्षो बाद खाने कमाने का ये मौका ईश्वर की कृपादृष्टि से उन लोगों को प्राप्त हुआ जो लोग मोखा हाउ चाही गाते फिरते थे । अब सपा के कार्यकाल की चर्चा पर पूर्णतः विराम लग चुका था और भक्तों द्वारा मोदी भक्ति की ईलू ईलू सुरुआत । जो कभी अवैध खनन का रोना रोते फिरते थे उन्होंने ही पहाड़ों और नदियों की अस्मत पर हाथ डालने में तनिक भी विलंभ नही किया । माननीयों की पौ बारह हो गयी जगह जगह खुले आम किये जाने लगे अवैध कब्जे । मोदी और योगी को उसी प्रकार किनारे बैठा दिया गया जैसे स्कूल की क्लास में मुंसी जी डंडे की हनक दिखा कर बच्चों को शांत बैठा देतें हैं । जिन गोरखधंधों को सपा के काले कारनामा बताया जाता था वो कारनामें आज इन्हें किसी परमवीर चक्र से कम नही दिखते हैं । भू माफिया बिगुल बजाकर जमीनों पर कब्जे करने लगे और न्याय की गुहार लगाने वालों के सामने प्रशासन धृतराष्ट्र बना रहा । बुद्धिजीवियों का विशेष मत है कि आने वाले समय मे सड़कों पर लुगाई माफिया नाम की प्रजाति का सामना गरीब जनता को करना पड़ सकता है । जिस तरह से भू माफिया दूसरों की जमीन हथिया लेतें है उसी प्रकार से ये लुगाई माफिया दूसरों की लुगाइयाँ हथिया लिया करेंगे । चौराहों और सड़कों पर जनता अपनी पत्नियों को लेकर चलने में सहज महसूस नही करेगी । लोग बागों का मानना होगा कि कहीं कोई लुगाई माफिया उसकी एकलौती पत्नी के ऊपर अपना दावा ना ठोक दे । शादी करने से पूर्व धर्मपत्नी को अपने नाम पर रजिस्टर्ड कराने का प्राविधान बनाया जाएगा । पत्नी की नोटरी या खतौनी को प्रशासन द्वारा कभी भी निरस्त कराने का अधिकार क्षेत्र ठीक उसी प्रकार से लुगाई माफियाओ के पास होगा जिस प्रकार से आज माननीय भू माफियाओं के पास है । चोर उच्चकों से सावधान जैसे बोर्ड की जगह अपने सामान की सुरक्षा स्वम् करें जैसे बोर्ड ले लेंगे । पत्नी के नाम की रजिस्ट्री पति के नाम ना दर्ज करवाने वालों के खिलाफ विशेष कार्यवाही अमल में लाते हुए पेनाल्टी भरने का प्राविधान सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा । नई नई सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने वाली कम्पनियों का जन्म हो चुका होगा । धर्मपत्नी को लुगाई माफिया से सुरक्षित रखने के लिए मोटा माल उसके पति की जेब से वसूला जाएगा । सरकार द्वारा लुगाई जागरूकता कैम्प का आयोजन जगह जगह आयोजित किया जाएगा जिसमे अपनी लुगाइयों को लुगाई माफियाओं से कैसे बचाये जैसे बिंदुओं पर चर्चाएं होंगी । प्रचार प्रसार के नए आयाम का जन्म होगा जगह जगह होर्डिग और बैनर टांग कर साफ शब्दों में लिखा जाएगा कि सावधान लुगाइयाँ खतरे में हैं
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