सच का साथ देना पत्रकार को पड़ा महंगा |
बुंदेलखंड भरुवा सुमेरपुर (हमीरपुर) क्षेत्र के स्वासा बुजुर्ग गांव में ग्राम प्रधान अरविन्द कुमार द्वारा जमकर धांधली की जा रही है | वित्त राशि का प्रधान द्वारा बंदरबांट किया जा रहा है | ग्राम प्रधान का फर्जीवाड़ा ग्रामीण जानते है | कभी प्रधान ने फर्जी जॉब कार्ड बना कर पैसे हजम किये तो कभी सी सी व हैंडपंप मरम्मत का हवाला देकर जमकर कमीशन खोरी की | इतना ही नहीं प्रधान ने शाशन के आदेश को ताक पर रखकर मनरेगा का कार्य जे सी बी से करवाया | प्राप्त शिकायत के अनुसार प्रधानपद पाते ही प्रधान के दिन बहुर गए | ग्रामीण बताते है की प्रधान बनने से पूर्व अरविन्द कुमार के पास महज दो बीघे जमीन व अधबना घर और एक मोटर साइकिल थी | अरविन्द जैसे ही प्रधान बना उसने अपने अधबने घर को पक्का घर बना लिया तथा एक बोलेरो खरीद ली |प्रधान के घोटालो से आजिज आकर जब ग्रामीणों ने शिकायत की तो पत्रकार शिशुपाल ने भी प्रधान के करतूतों को उजागर करने में ग्रामीणों का साथ दिया | अख़बार के माध्यम से शिशुपाल पत्रकार ने प्रधान के गड़बड़ घोटालो को उजागर किया | गहनतम जानकारी के लिए जब शिशुपाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का प्रयोग कर सूचना मांगी तो प्रधान भड़क गया और शिशुपाल के पिता हरी चंद्र को अपने घर बुलाकर धमकी दी | इतना ही नहीं प्रधान ने गांव के ही शिवकुमार को पैसे देकर दारू पिलाई व पत्रकार के साथ झगड़ा करा दिया | फिर बाद में एस ओ ललपुरा को पैसे देकर १५१ में दोनों का चलन करा दिया |
देशराज नामदेव प्रदेश महासचिव उ० प्र० मानवाधिकार ने उपरोक्त प्रकरण को संज्ञान में लेकर कहा है कि जिलाधिकारी हमीरपुर को चाहिए कि वो पीड़ित का उत्पीडन तत्काल रुकवा कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करें | किसी भी स्थिति में किसी भी मानव का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, अगर शिशुपाल प्रजापति के प्रति उत्पीड़ात्मक कार्यवाहियां तत्काल नहीं रोकी गयीं तो प्रकरण को राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जायेगा |

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