जोधपुर, भाषा: जोधपुर के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर
एचआईवी रोगी होने की वजह से अपनी ऑर्थोपेडिक सर्जरी नहीं करने का आरोप
लगाते हुए एक शख्स ने आज राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग से इच्छामृत्यु की
अनुमति मांगी।
हालांकि आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्त िप्रकाश
टाटिया ने उसे भरोसा दिलाया कि आयोग मामले को देखेगा और जल्द से जल्द उसकी
सर्जरी की व्यवस्था कराई जाएगी।
रोगी के मुताबिक वह 17 जून से
यहां एम जी अस्पताल में हड्डी रोग वार्ड में भर्ती है। डॉक्टरों ने एक
एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर उसके कूल्हे की सर्जरी की जरूरत बताई थी।
उसने आरोप लगाया, लेकिन जब उन्हें खून की जांच के बाद पता चला कि मैं एचआईवी पॉजिटिव हूं तो सर्जरी से लगातार बच रहे हैं।
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