सांकेतिक छवि - गूगल से साभार


हमेशा से ही पुरुष प्रधान दुनिया में स्त्री जाति को कभी परंपरा तो कभी मर्यादा तो कभी मात्र स्त्री होने की वजह से कई तरह के जुल्मो से गुजरना पड़ता है. आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी रीति की जिसको जान कर आपका दिल कचोट जायेगा. 
सेंट्रल अफ्रीकी देश ब्रिटेन के कॅमरुन में 10 साल से कम उम्र वाली लड़कियों के स्तनों को कोयले पर गर्म किए पत्थर से या हथौड़े से दबा कर चपटा कर दिया जाता है, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि स्तन  विकसित न हो सकें.कॅमरुन इसे  “ब्रेस्ट आइरनिंग” का नाम दिया गया है.जरा सोंचिये की अगर कोई गर्म चीज धोखे से ही अगर हमारे शरीर में छू जायेगा तो कितनी जलन होती है. ऐसे इन छोटी बच्चियों को जबरन पकड़कर गर्म पत्थर या लोहे से छाती मल दी जाती है तो ऐसे में इनको कितनी तकलीफ होती होगी.  इतना ही नहीं, इससे ब्रेस्ट कैंसर, खुजली, घाव, तेज बुखार, ब्रेस्ट इंफेक्शन होने की आशंका बढ़ जाती है और स्तनपान कराने में भी दिक्कत आती है. कैमरुन में तकरीबन 50% लड़कियाँ ब्रेस्ट आइरनिंग का शिकार होती है. लड़कियों की ब्रेस्ट आइरनिंग कोई और नहीं बल्कि उनकी माँ ही करती है. यहाँ के  लोगों का तर्क है कि अगर किशोरियों के ब्रेस्ट टिश्यू निकाल दिए जाएं तो वे कम आकर्षक होंगी और इससे उन्हें रेप और यौन उत्पीडन से बचाया जा सकेगा!
कल्पना कर के ही रोंगटे खड़े जाते है ? जरा सोंचिये कैसे सहती होगी इतनी दर्दनाक प्रक्रिया को वो मासूम सी लड़कियाँ? वो भी सिर्फ और सिर्फ इसलिए ताकि वो सुंदर ना दिखे एवं कोई उनका बलात्कार ना करें.  ब्रेस्ट आइरनिंग जैसे कुरीतियों से  इस धारणा को बढावा मिलता है कि लड़कियों का शरीर ही अपने आप में सेक्सुअल है और यौन हमलों के मामलों में पुरुषों की कोई भी गलती नहीं होती.

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