“आपूर्ति करने वाली
फर्म पुष्पा सेल्स के
अधिकारी दिपांकर
शर्मा ने करीब 64
लाख रुपए बकाया होने पर आपूर्ति
ठप करने की सूचना
दो दिन पहले प्रिंसिपल को दे
दी थी।”
गोरखपुर (INR)। गोरखपुर के
बीआरडी मेडिकल कालेज में
आईसीयू और इंसेफलाइटिस के मरीजों
के लिए बनाए गए वार्ड में आक्सीजन सप्लाई ठप
होने से 30 बच्चों की मौत हो गई हैं।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के आईसीयू और दूसरे वार्डों
में गुरुवार रात 11.30 बजे से ही
ऑक्सीजन सप्लाई गड़बड़ा गई थी जो
शुक्रवार सुबह 9 बजे तक लगातार रुकती
रही। कई घंटे तक लगातार ऑक्सीजन
की सप्लाई बीच-बीच में रुकते
रहने से 30 जानें चली गईं।
गोरखपुर के डीएम राजीव
रौतेला ने इंसेफलाइटिस से 30 बच्चों की
मौत की बात कही है।
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को लगातार हो
रही मौतों से कोहराम मचा हुआ है। रात
आठ बजे इंसेफलाइटिस वार्ड में
आक्सीजन सिलेंडर से की
जा रही सप्लाई रुकी तो इसे
लिक्वड आक्सीजन से जोड़ा गया, जो 11
बजे खत्म हो गई।
इसके बाद 1:30 सप्लाई ठप रही जिससे हाहाकर मच
गया। रात 1.30 बजे सिलेंडर आक्सीजन
की गाड़ी आई तो सप्लाई शुरु हुई ये सुबह
फिर खत्म हो गई।
दो दिन पहले से ही ऑक्सीजन के संकट
की बात हॉस्पिटल के सामने थी लेकिन इसे
गंभीरता से नहीं लिया गया और इस
सारी लापरवाही ने 30 जानें ले
ली।
पहले ही मिल गई
थी
ऑक्सीजन सप्लाई बंद
होने की
जानकारी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो वर्ष पूर्व
लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगाया गया। इसके जरिए
वार्ड 6, 10, 12, 14 और 100 बेड इंसेफेलाइटिस वार्ड में
मरीजों को ऑक्सीजन दी
जाती है।
आपूर्ति करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के
अधिकारी दिपांकर शर्मा ने करीब 64 लाख
रुपए बकाया होने पर आपूर्ति ठप करने की सूचना दो
दिन पहले प्रिंसिपल को दे दी थी।
गुरुवार को सेंटर पाइप लाइन ऑपरेटर ने प्रिंसिपल,
एसआईसी, एचओडी
एनेस्थिसिया, इंसेफेलाइटिस वार्ड के नोडल
अधिकारी को पत्र के जरिए दोबारा लिक्विड
ऑक्सीजन सप्लाई का स्टॉक बेहद कम
होने की जानकारी
दी।
इन सब जानकारियों और ऑक्सीजन सप्लाई रूकने
की बात पहले से पता चल जाने के बावजूद इसके पूर्ति
सुचारू रहे इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।
इसका नतीजा ये हुआ कि शुक्रवार सुबह तक
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कई जानें
चली गईं।

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