देहरादून शहर में गुरुवार को दोपहर बाद
अचानक से शहर की सड़कें
जलमग्न हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक
विक्रम सिंह ने बताया कि दोपहर बाद
तीन बजे से चार बजे के
बीच शहर में 91 मिमी
बारिश हुई, जबकि 100 मिमी बारिश
होने को बादल फटने कहा जाता है। उन्होंने
बताया कि इतनी बारिश को बादल फटने
जैसी घटना माना जा सकता है।
उत्तराखण्ड में आमतौर पर बादल फटने
की छुटमुट घटनाएं तीन-चार
सालों हो ही रही।
लेकिन गुरुवार को देहरादून शहर में
बीचों-बीच बादल फटाना जैसे
हो गया है। हालांकि कहीं से
कोई नुकसान की घटना
नहीं है लेकिन शहर
की सड़के तालाब में तब्दील
हो गई। उन्होंने कहा कि इसे आश्चर्यजनक
नहीं माना रहा है क्योंकि
देहरादून शहर क्षेत्र से लगते हुये
मसूरी रोड़ पर राजपुर क्षेत्र में
इतनी बारिश होती
रहती है।
मौसम केंद्र के निदेशक के अनुसार अगले 24 घंटों में
प्रदेश में भारी बारिश होने
की संभावना है। गौरतलब है कि
उत्तराखण्ड में पिछले 48 घंटों से जिले के विभिन्न
क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की
आशंका है और बारिश के चलते जन
जीवन अस्त व्यस्त हो है
कहीं भूस्खलन हो रहा है तो
कहीं जलभर की
समस्या से लोग झूज रहे।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि
उत्तराखण्ड के पांच जिले देहरादून, हरिद्वार,
पौड़ी, नैनीताल व
उद्यमसिंहनगर जिलों में भारी बारिश
की चेतावनी
जारी की गई। लगातार हो
रही बारिश की वजह
से नुकसान होने की आशंका को देखते
हुए संबंधित जिलों प्रशासन की ओर
से एडवाइजरी भेज दी गई।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
दी गई है।
वहीं देहरादून जिले में
भारी वर्षा को देखते हुए
जिलाधिकारी देहरादून एस0ए0 मुरूगेशन ने
शुक्रवार 04 अगस्त को कक्षा 01 से 12 तक के
सभी सरकारी या गैर
सरकारी स्कूल एवं आंगनबाड़ी
केन्द्रों को बन्द रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने
कहा कि मौसम विभाग की ओर से
जारी भारी बारिश की
चेतावनी के मद्देनजर जिले के
12वीं तक सभी
शासकीय, गैर शासकीय और
निजी स्कूलों को बंद रखने के आदेश
जारी कर दिये है।
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