(संतोष प्यासा) हम सब गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज में हुए दुखद हादसे से अवगत हैं. तरह तरह की बातें की जा रहीं हैं. हमेशा की तरह इस दुखद घटना को भी सियासी मुद्दा बना कर पार्टियों में कांव कांव होने लगी हैं. सभी मुख्यमंत्री योगी और बीजेपी को कोसे जा रहे हैं. यह तो राजनीती हैं, एक दूसरे को नीचा दिखाने में राजनीतिज्ञ किसी प्रकार की कोर कसार नहीं छोड़ते हैं.
फ़िलहाल जब मैंने काफी गहन अध्यन किया तो यह पाया की वाकई इस हादसे के लिए सबसे बड़ी जवाबदेही मुख्यमंत्री योगी की हैं. उनकी जवाबदेही मात्र इसलिए नहीं हैं कि वो राज्य के मुख्यमंत्री हैं, बल्कि इसलिए जवाबदेही हैं. क्यूंकि इस दुखद हादसे के महज दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज का औचक निरिक्षण किया था.
योगी जी जरा बताएँगे क्या जाँच की थी आपने ? कौन सा निरिक्षण किया था ? क्या आप और आपके साथ उपस्थित अधिकारीयों ने महज फोटोग्राफी और मीडिया को दिखाने मात्र के लिए ये निरिक्षण किया था? क्या आपको ये नहीं पता था कि बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की सप्लाई जारी रखने के लिए आक्सीजन सप्लाई देने वाली कंपनी का बकाया चुकाना हैं ? अगर नहीं पता था, तो क्या खाक निरिक्षण किया आपने ?
इस दुखद हादसे ने यह सिद्ध कर दिया की, आप विकाश और व्यवस्था के मात्र जुमले ही पढ़ सकते हैं. जरा बताइये कि अगर यही हादसा किसी अन्य पार्टी कि सरकार में होता तो आप और आपकी महान पार्टी बीजेपी क्या करती? जरा बताएँगे कि जिनके बच्चों का जीवन इस हादसे में ख़त्म हो गया, उनके लिए क्या कर सकते हैं आप ? मुआवजे कि बात के अलावा, क्या महज मुआवजे से आपकी इतनी बड़ी गलती सुधर जाएगी ? हाँ आपकी कि ही गलती हैं. क्यूंकि आपने महज अख़बार कि सुर्खियां और टीवी के ब्रेकिंग लाइन को बढ़ाने के लिए निरिक्षण किया था. न कि वास्तविक खामियों को दूर करने व उचित व्यवस्था को बहाल करने के लिए. अगर वाकई में आपका औचक निरीक्षण वास्तविक होता तो आप इस दुखद घटना को टाल सकते थें.
बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 9 अगस्त 2017 को औचक निरिक्षण के बाद दिशा निर्देश देते मुख्यमंत्री योगी

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