बुंदेलखंड : जहाँ एक ओर सरकार और सुप्रीम कोर्ट अवैध खनन व खनन माफिआओं की खिलाफत कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दे रही है| वहीँ दूसरी ओर बुंदेलखंड के हमीरपुर जनपद के सिसोलर थाना क्षेत्र की पुलिस बालू माफिआओं के संरक्षण का कार्य करती नज़र आ रही है |
ज्ञात हो की सिसोलर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भुलसी व् बक्छा खदान से बालू निकाल कर बालू माफियाओं ने बालू को बक्छा के जंगल में डंप किया था | इसी डंप से बालू माफियों ने जमकर बालू की कालाबाजारी की | जब सुप्रीम कोर्ट ने क्षेत्र में बालू पर बैन लगा दिया तो पुलिस ने बक्छा जंगल में डंप पड़े बालू को सीज कर दिया | लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज भी बालू माफियाओं द्वारा पुलिस के संरक्षण में सीज पड़ी बालू की कालाबाजारी जारी है | सूत्रों द्वारा प्राप्त इस जानकारी की पुष्टि के लिए जब न्यूज मिरर की विशेष टीम ने डंप व सीज पड़े बालू के ढेरो की खोजबीन व पड़ताल के बक्छा के जंगल में गए तो पता चला की सूत्रों की बात में सत्यता है | विशेष टीम को सीज बालू के पास ताजा टायरों के निशान मिले |
टायर ताजा के निशान
विशेष टीम ने पाया की बक्छा के जंगल में तीन-चार जगह बालू के ढेर है | जंगल से बाहर निकलते ही नवनिर्मित बक्छा रोड पर गिरा बालू अंश ये स्पष्ट कर रहा है की हाल ही में इस डंप से बालू निकाली गयी है |इन डंप में से आधे से ज्यादा डंप खली हो चुके है | इस बाबत जब सिसोलर एस ओ से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया की , "बक्छा के जंगल में डंप बालू को लगभग तीन महीने पहले सीज कर दिया गया था"| डंप बालू की मात्रा पूंछने पर एस ओ ने कहा की " अच्छी तरह जानकारी नहीं है, पता करना पड़ेगा"| जब एस ओ साहब से पूंछा गया की सीज बालू कबसे नहीं लोड हुआ तो उन्होंने बताया "जब से बालू सीज हुई तब से बक्छा के जंगल से डंप मोरम नहीं निकाली गयी" |
बालू माफियों ने गायब किया सीज बालू
जबकी विशेष टीम की इन्वेस्टीगेशन कुछ और ही बयां कर रही है | अगर तीन महीनो से बालू की कालाबाजारी, चोरी से लोडिंग नहीं हुई तो वहां पर गाड़ियों के ताजा टायर के निशान कैसे मिले ? क्या ये निशान तीन-चार महीने पुराने है ? अगर हाँ तो दो दिन पूर्व हुई बारिश में ये निशान क्यों नहीं मिटे या बिगड़े ? चार महीने बाद भी ये निशान इतने स्पष्ट कैसे दिख रहे है? आखिर सिसोलर एस ओ सीज की गयी बालू की मात्रा क्यों नहीं बता पा रहे है ? ग्रामीणों के अनुसार बक्छा के जंगल में काफी मात्रा में बालू डंप था| तो ये बालू गया कहाँ ?
विशेष टीम की इन्वेस्टीगेशन ने यह तो सिद्ध कर दिया की आज भी सीज बालू की कालाबाजारी जारी है | संभव है की ये कालाबाजारी पुलिस के संरक्षण में ही हो रही है | पुलिस की मिली भगत से ही बालू माफिया और बालू चोरो ने डंप खाली कर दिया है |
रोड पर गिरी हुई मोरम : स्पष्ट कर रही है की हाल ही में यहाँ से बालू निकाली गयी |
नाममात्र का बचा हुआ सीज बालू
नाममात्र का बचा हुआ सीज बालू










0 comments:
Post a Comment