रितूराज रजावत:- भूत की कैंची पर जीएसटी नही है*
*- भूत काट रहें हैं महिलाओं की चोटी राजिस्थान से उठने वाली अफवाह पहुची उत्तर प्रदेश तक*
*- मामले को गम्भीरता से लेकर कुछ दिनों पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने की थी अपील कहा था अफवाह में ध्यान ना दे जनता*
*- जनपद में छाया कैची वाली चुड़ैल का आतंक कटी हुई चोटियों के साथ महिलाओं की फोटो की गई शोसल मीडिया पर शेयर*
*- मुह नुचवा की कहानी एक बार फिर हुई जीवांत जरिया बना कैची वाला भूत*
*- समय समय पर होता रहा है फेक न्यूज से जनता का सामना कभी प्रतिमा गटकने लगती हैं दूध तो कभी दिया जाता रहा है मुह नुचवा और मंकीमैन का वास्ता*
* राजिस्थान से चोटी काटने वाली प्रेतबाधा का अब उत्तर प्रदेश में आगमन हो चुका है । महिलाओं की चोटी पर निरन्तर हमले हो रहें हैं कटी हुई चोटियों के साथ महिलाओं की तस्वीरें शोसली भेजी और प्राप्त की जा रहीं हैं । चोटी कटवा पर सभी की अलग अलग राय है कोई इसे चुड़ैल का प्रकोप बता रहा है तो कोई इसे कैची धारी भूत का आतंक । हालांकि बुद्धिजीवी वर्ग की इस चोटी कटवे पर अपनी एक अलग ही राय है लोगो का सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर भूत को कैची किसने दी और क्या उस कैची में जीएसटी लगा था कि नही । भाजपा के प्रवक्ता कम योद्धा संदीप पात्रा ने इसपर किसी न्यूज चैनल में जाकर अभी तक कोई डेबिट नही की है । हालांकि शोशल साइट्स में एक कीड़े की इन घटनाओं में अहम भूमिका बताई जा रही है । राजिस्थान सरकार की तरफ से जारी किये गए उस शंदेश में मैकी नामक इस कीड़े को घटना का मुख्य दोषी करार दिया गया है । वहीं विशेष वर्ग का मानना है कि किसी भूत या प्रेत द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा रहा है । फेसबुक पर अभी इस चोटी कटवा को लेकर माहौल शांत बना हुआ है क्योकि इस बात की पुष्टि नही हो सकी है कि चोटी काटने वाला भूत हिन्दू है कि मुसलमान । हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया सुलखान सिंह ने इस अफवाह को मात्र अफवाह करार देते हुए जनता से इस प्रकरण पर ध्यान ना देने की अपील की है । महिलाओं में इस चोटी काटने वाले भूत का भय व्याप्त होने के कारण घरों में सिंदूर के हत्थे लगाकर कैची वाले भूत से पिंड छुड़ाने के नए नए उपाय खोजे जा रहें हैं । कुछ पत्नी भक्तों ने चौकीदारों का रूप धारण कर अपनी प्राणों से प्रीय पत्नी के काले घने बालों की सुरक्षा का जिम्मा अपने सर पर ले लिया है । भारत की जनता का फेक न्यूजों से एक विशेष लगाव रहा है उदाहरण के तौर पर हम 10 रुपये प्रति किलो बिकने वाले नमक को 500 रुपये प्रति किलो में बिकते देख चुके हैं । वर्षो पूर्व मुहनुचवा नामक प्रजाति से लोगो का वास्ता रह चुका है । हालांकि आज उसी मुहनुचवा को हम आप ठीक उसी प्रकार से देखतें हैं जैसे कौवा कान ले गया हो । समय समय पर भारतीय जनता के बीच फर्जी खबरों का बाजार सजता रहा है जैसे कि आज चोटी कटवा को लेकर सजाया जा रहा है । फेक खबरों को जनता द्वारा बड़ी ही संजीदगी से लिया जा रहा है झूठी खबर को सत्य मानकर किसी की जान भी ली जा सकती है । हालही में चोटी काटने की घटना को गम्भीरता से लेते हुए आगरा में एक व्रद्ध महिला की जान भीड़ द्वारा इसलिए ले ली गयी क्योकि जनता की नजर में वो महिला एक डायन थी । लोगो ने ये तक सोंचना उचित ना समझा कि जो ठीक से चल फिर नही सकती है वो किसी हष्ट पुष्ट महिला की चोटी कैसे काटेगी । बहुचर्चित फ़िल्म शोले के जमाने में अगर गब्बर सिंह चोटी कटवा होता तो ठाकुर को नित्य क्रियाएं करने में रामलाल का सहयोग ना लेना पड़ता । ये बात और है कि ये हाँथ मुझे दे दे ठाकुर जैसे संवाद के स्थान पर बसन्ती से उसकी चोटी गब्बर द्वारा छीनी जा सकती थी । 2012 में दुनिया का अंत होने जैसी अफवाहों से अच्छे अच्छे बुद्धिजीवी भी हतप्रद हो गए थे हालांकि जिस माया कैलेंडर पर ये भविष्यवाणी उल्लेखित थी उसे किसी वर्ग विशेष द्वारा खंगाला नही गया था । हॉलीवुड में इसी दरमियान 2012 नामक फ़िल्म बनी हजारों करोड़ों का व्यवसाय भी फ़िल्म ने किया लेकिन दुनिया वहीं की वहीं टिकी रही जिसे खत्म होने की बात फ़िल्म के प्रमोशन के पूर्व कही जा रही थी । फेक खबरों का एक दौर चल निकला है इस तरह से तोड़ मरोड़ कर जनता के समक्ष इन खबरों को प्रस्तुत किया जाता है जैसे पूर्ण वास्तविकता यही है जो कि दिखाया जा रहा है । जनता को मुहनुचवा और मंकी मैन के बारे में इस तरह से खबरों के माध्यम से आश्वस्त कर दिया गया था कि व्यक्ति अपनी परछाई को ही मुहनुचवा मान बैठता था । मानसिक रूप से पूर्ण परिपक्व ना होने के चलते हम आज भी ऐसी खबरों को हक़ीक़म समझ लेतें हैं जिनका वास्तविकता से दूर दूर तक कोई वास्ता नही होता है । बचपन में भूत प्रेत की कहानियां मस्तिष्क में इस तरह घर बसा लेतीं हैं जिनसे जनता जवानी तक पीछा नही छुड़ा पाती हैं । इसी प्रकार से आज जनता चोटी वाली चुड़ैल से परेशान है महिलाएं अपनी चोटी की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं और पति उनकी चोटी को लेकर
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