अशोक श्रीवास्तव अमेठी 

अमेठी। केन्द्र व प्रदेश सरकार की सरकारी योजनाओं का लाभ आखिर गरीबों तक कब पहुंचेगा या फिर गरीब झोपडी में ही जीवन व्यतीत करेगा यह एक गंम्भीर विषय है।
मामला तिलोई, तहसील क्षेत्र के ब्लॉक सिंहपुर स्थित पूरे खान मजरे फत्तेपुर निवासी मोहम्मद गफ्फार पुत्र फकरुद्दीन का है। जो अपनी विकलांग पत्नी सबीहुन  बानो के साथ  लगभग 15 वर्षों से झोपडी में गुजर बसर करने के लिए मजबूर है। जिनके पास न तो एक बिस्सा  जमीन है और न ही कमाई का कोई स्रोत,मात्र एक साईकिल पंचर की दुकान के सहारे ही पूरे परिवार का पालन पोषण कर रहा है । यही नही सरकारी योजनाएँ भी इस गरीब परिवार से कोसों दूर है बारिश के महीने में झोपडी के चारो तरफ पानी भर जाने के कारण इस विकलांग परिवार को काफी कठनाइयों का सामना करके भरे हुए पानी से हो कर गुजरना पड़ रहा है। उनकी इस स्थित के बारे मे जानना चाहा तो  पत्नी सबीहुल बानो बिलख बिलख कर रोने लगी और कहा कि हम गरीब लोगन का कोऊ देखय वाला नही है । हम लोगन का न तव सरकारी आवास दिया जात है और न ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ हम झोपडी में पैदा हुए हैं और झोपडी में ही मर जायेंगे । इतना ही नही इस गरीब परिवार का यह भी  कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राम प्रधान द्वारा सिर्फ अमीरों और चहेतों को ही दिया जाता है। हम गरीबों की सुनने वाला कोई नही है । यही नही गांव में कई ऐसे गरीब परिवार है जो आज भी गरीबी के चलते झोपडी या तंम्बु तानकर अपने परिवार के साथ किसी तरह जीवन यापन कर रहे है। आखिर कब तक गरीबों को सरकारी आवास पाने के लिए इन्तजार करना पड़ेगा।

0 comments:

Post a Comment

 
न्यूज मिरर © 2017. All Rights Reserved. Powered by santosh PYASA
Top