कांजी हाऊस कहाँ कहाँ, लेखपाल करें चिन्हित -एडीएम अमेठी खबर का असर - छुट्टा जानवर पर पहल शुरू
अशोक श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ अमेठी
अमेठी- पिछले दिनों newsmirror ने छुट्टा जानवर कर रहे हैं फ़सल का नुकसान- का मुद्दा जोरशोर से उठाया था जिसके सन्ग्यान को को लेकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाने के प्रयास चालू कर दिये हैं.
बैल की खेती अब धीरे-धीरे गुजरे जमाने की बात हो चली है । अब प्रदेश मे भाजपा की सरकार आयी और पशुओं की तस्करी पर रोक लगी जिससे शंकर बछिया ,बछडे, देशी गाय व सांड की भरमार हो चली है। कही स्कूलों में तो कही बीच सड़क पर अशियाना बन रहा है इनका. कांजी हाउस भवन व उसकी सामग्री कहाँ गयी, कौन ले गया आदि बाते महज खोजी खबर बन चली है।
विकास खण्ड भादर के टीकरमाफी मे कान्जी हाउस भवन था । जहां पर छुट्टा जानवरो को लोग बन्द करवाते थे लेकिन अब कान्जी हाउस भवन की निर्माण सामग्री सरहन्गो ने गायब कर दी। खाली भूमि पर पहले सर्कस लगता था अब स्कूल चल रहा है.
जिले के तेरह विकास खण्डो में काजी हाउस कितने रहे इन्हे तो अगुलियां पर गिना जा सकता हैं लेकिन छुट्टा गाय ,बछडे बछिया, सांड को कहॉ बाधा जाय, चारे की व्यवस्था कैसे की जाय ये यक्ष प्रश्न बन चुका है. पशु चिकित्साधिकारी डा0 फकरे आलम बताते है कि शासन -प्रशासन छुटटा जानवारो के लिए व्यवस्था जल्द बनायेगी. अपर जिला-अधिकारी ईश्वर चन्द्र ने बताया कि पुराने कान्जी हाउस भवन कहॉ रहे ,उन स्थानो को लेखपाल से चिंहित कर तत्काल रिपोर्ट मांगी गयी है ताकि छुटटा पशुओ पर अंकुश लगाया जा सके ।
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