टीकमगढ़।
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लचर होती नजर आ रही हैं। कभी शव वाहन नहीं मिलता है, तो कभी डाक्टर की लपरवाही के चलते मरीज की मौत हो जाती है। ऐसा ही एक मामला टीकमगढ़ में सामने आया है। जहां जिला अस्पताल में डिलेवरी के लिए आई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों को आरोप है की डाक्टर की लापरवाही के चलते ऐसा हुआ है। नाराज परिजनों ने अस्पताल चौराहे पर शव को रखकर जाम लगाया दिया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह को भले ही जिले का प्रभार सौंपा गया हो लेकिन अभी तक यहां के हालात नहीं बदले हैं।
मृतका के पति रमेश गिरि का आरोप है कि डॉ.लता लक्ष्मी साहू द्वारा महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया और हालत बिगड़ने पर महिला का समय रहते इजाल नहीं किया। जबकि परिवार ने महिला की बिगड़ती हालत की बात डाक्टर को कई बार बताई थी। वहीं आरोपी डाक्टर का कहना है कि उन्होंने न तो कोई पैसा लिया है और न ही इलाज में कोई लापरवाही की गई है।
दरअसल, जिले के बडागांव थाना क्षेत्र के अटारी गांव की एक 25 वर्षीय गर्भवती महिला उर्मिला गिरी का उपचार डाक्टर लता लक्ष्मी साहू से चल रहा था। परिवार का आरोप है कि डाक्टर ने लक्ष्मी को खून की कमी बताते हुए खून दिलाने के नाम पर तीन हजार रुपए लिए थे। महिला की बिड़ती हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में देर रात 2 बजे भर्ती करवाया था। अस्पताल में देर रात ड्यूटी पर कोई डाक्टर नहीं मिला, ऐसे में महिला के पति ने डियूटी डाक्टर को तलाशा लेकिन डियूटी पर महिला डॉक्टर नही मिली, परिजनों द्वारा कई बार डॉक्टर को फोन लगया, जब डाक्टर नही आई तो परिजन डॉक्टर लता लक्ष्मी के घर पर भी गए लेकिन डॉक्टर पीडित मरीज को देखने नही आई और सुबह करीब 7 बजे महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनो ने अस्पताल चौराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जिला चिकित्सालय में 13 दिन में हुई मौतों को लेकर आज सीएमएचओ ने मीडिया से चर्चा की। अस्पताल में तीन लोगों की मौत के मामले में सीएमएचओं ने माना कि इलाज के दौरान डयूटी पर तैनात डॉक्टरों ने लपरवाही बरती है। जांच के लिये सीएमएचओं और कलेक्टर ने टीम गठित की है। जो तीन दिन जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। सीएमएचओं ने प्रथम दृष्टया डयूटी पर तैनात डॉक्टर अमित शुक्ला, डॉक्टर हर्ष गुप्ता और डॉक्टर लतालक्ष्मी का दोषी माना है। इन तीनों डॉक्टरों की वेतन रोकने के साथ साथ शॉकाज नोटिस भी जारी किया गया है। गौरतलब है कि इलाज के दौरान डाक्टरों की लापरवाही का यह कोई पहला मामला सामने नहीं आया है। पिछले 13 दिनों में डाक्टरों की लापरवाही के चलते 3 लोगों की मौते हो चुकी है। इस बात को सीएमएचओं ने भी स्वीकार किया है कि मरीजों की मौत में डाक्टर की लापरवाही पाई गई है और उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।

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