अशोक श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ - अमेठी

अमेठी : मुसाफिरखाना विकास खंड में बना खंड विकास अधिकारी आवास बीते पांच वर्षो से जर्जर होकर ढह रहा है। आवास की मरम्मतीकरण के लिए प्रमुख सचिव द्वारा कई बार निर्देश दिया जा चुका है। यही नहीं वर्ष 2012 में पांच लाख रुपये भी स्वीकृत किए गए, लेकिन आवास का जीर्णोद्धार नहीं हो सका जिसके कारण बीडीओ को जिला मुख्यालय पर रहना मजबूरी बना हुआ है।

विकास खंड कार्यालय के ही सामने बीडीओ आवास है। उसके ठीक पीछे कर्मियों का आवास भी बनाया गया है। हालाकि बीडीओ आवास बीते पाच सालों से निष्प्रयोज्य है। जबकि बगल ही कर्मियों के आवास गुलजार हैं। वर्ष 2015 में जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव ने पुराने सरकारी आवास के मरम्मत का आदेश तत्काल प्रभाव से दिया था, लेकिन उनका यह आदेश अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। मरम्मत की कौन कहें यहा तो सालों से झाड़ झखाड़ तक की साफ सफाई  भी नहीं की गई। इससे अब आवास जर्जर होकर एक एक कर दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। बीडीओ आवास का पिछला हिस्सा ढह गया है। जर्जर हो चुके आवास में अब मवेशी टहलते हैं। देखने वाली बात तो ये है कि सफाई कर्मियों को ब्लाक के हर गाँव में ड्युटी लगाने वाला अधिकारी खुद अपने आवास की सफाई नहीं करा पा रहा है

विकास विभाग के कर्मियों की मानें तो वर्ष 2012 में आवास के मरम्मत कार्य के लिए पाच लाख रुपये की कार्ययोजना बनी थी, लेकिन बाद में इस धनराशि को कहीं अन्यत्र दिखा कर धन की बंदरबाट कर ली गई। एडीओ पंचायत रामजी मिश्र की मानें तो भवन जर्जर हालत में होने के चलते खंड विकास अधिकारी किराये के मकान में जिले पर निवास करते हैं।

खंड विकास अधिकारी नजमा सिद्दीकी ने बताया कि आवास जर्जर हालत में है। मरम्मत के लायक भी नहीं है अब नये आवास की माग मुख्य विकास अधिकारी से की गई है।

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