रानी लक्ष्मीबाई खाद्यान्न योजना में खेल
अशोक श्रीवास्तव अमेठी
अमेठी : गरीबों को खाद्यान्न मुहैया कराने के लिए सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई योजना संचालित किया था। जिसके तहत गेहूं व चावल का आवंटन हजारों क्विंटल किया गया। फिर भी जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते खाद्यान्न जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच सका है। योजना की जानकारी होने के बाद लाभार्थियों ने विभाग में शिकायतें करनी शुरू कर दी हैं। जिसका निस्तारण करने में अधिकारियों को पसीने आ रहे हैं।
वर्ष 2015 में सरकार ने गरीब एपीएल कार्ड धारकों को वीपीएल की तर्ज पर राशन देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई योजना संचालित कराया था। जिससे भूखे परिवारों का पेट भर सके। इसके लिए पात्र लोगों का चयन भी किया गया था। सरकार ने जिले को 1444 मीट्रिक टन गेंहू व 2168 मीट्रिक टन चावल मुहैया कराया था। परंतु योजना की जानकारी जरूरत मंदों को न होने के कारण अनियमिता की भेंट चढ गया है जबकि योजना के तहत गरीबों को पांच रूपये प्रति किलो गेंहू व सात रूपयें किलो चावल दिया जाना था। एक राशन कार्ड पर महीने में 35 किलो राशन देने का नियम बनाया गया था। हालांकि योजना महज छह माह में ही दम तोड गई। फिर भी जाते जाते लोगों की जेब को भर गई है। योजना का लाभ पाने वाले पूरे जिले में अतिरिक्त वीपीएल लाभार्थियों की संख्या 38418 रही है। अब जाकर जब लोगों को इसके बारे में जानकारी हुई तो शिकायतों का दौर चल निकला है। जिसका निस्तारण करने में जिम्मेदारों को पसीने आ रहे है।
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