रिपोर्ट - अशोक श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अमेठी
के साथ सुरजीत यादव मुसाफ़िरखाना
अमेठी- जिले में भूमि पर अवैध कब्जा करना कोई नयी बात नहीं है। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद सूबे में जनता में उम्मीद जगी कि अब सूबे में भूमाफिया किसी की जमीन पर कब्जा नहीं कर पायेगे।इस सम्बन्ध में पूर्ववर्ती सरकारों ने भी अभियान चलाया लेकिन राजस्व विभाग की उदासीनता के कारण मामले का निस्तारण ढ़ंग से नही हुआ। सरकार बदली और निजाम बदला ।
जनता में आस जगी लेकिन जनता कि परेशानी जस की जस है।
ताजा मामला अमेठी जनपद की तहसील मुसाफिरखाना के कानूनगो सर्किल शुकुल बाजार से सम्बन्धित राजस्व ग्राम बूबुपुर से जुड़ा है . पीड़ित के पट्टे की जमीन गाटा खसरा सं. 309 ध, रकबा 0.1900 हे0 पीड़ित के पट्टीदार, राजेश कुमार
पुत्र जगन्नाथ पीड़ित की जमीन पर अवैध कब्जा कर रहें हैं जिस पर पीड़ित संतराम द्वारा सिविल जज जूनियर डिवीजन मुसाफिरखाना न्यायालय में एक वाद सं. 164 /17 प्रस्तुत किया है, जिसमें जमीन की यथास्थित बनाए रखने का आदेश भी पारित हुआ है, राजेश कुमार पुत्र जगन्नाथ तथा जगन्नाथ पुत्र गंगा
स्थानीय थाना प्रशासन व क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत से वाद भूमि पर निर्माण कार्य करने लगे . शिकायतकर्ता ने स्थानीय थाना जाकर तहरीर दिया परन्तु शिकायतकर्ता की एक नहीं सुनी गयी! पीड़ित का आरोप है कि पुलिस जातिसूचक गालिया देकर थाना से भगा देती है स्थानीय पुलिस अवैध कब्जादारों को संरक्षण दे रही है बजाय निर्माण कार्य को रोकने के स्थानीय पुलिस फर्जी मामले में जेल भिजवाने की धमकी देते है. है ! ऐसे में तो यहाँ फिरहाल पीड़ितसंतराम को न्याय दरकार है।
पुलिस, राजस्व प्रशासन अवैध कब्जाधारी के सामने बौना साबित होता देखा जा रहा है और अमेठी जनपद के इस पीड़ित के साथ जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ होता दिख रहा है!
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