यूपी के प्राइमरी स्कूलों का हाल-बेहाल, बच्चों के हाथ में किताब की जगह झाडू
रिपोर्ट - अशोक श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अमेठी
अमेठी। उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला अकसर काफी चर्चा में रहता है। अमेठी वी वी आई पी क्षेत्र है जबकि इससे जुड़ा जगदीशपुर योगी सरकार में राज्यमंत्री सुरेश पासी का विधानसभा क्षेत्र है। इन सब के बावजूद यहां की शिक्षा व्यवस्था काफी बदहाल है। यहां के शुकुल बाज़ार के प्राथमिक विद्यालय की तस्वीरें शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को साफ बयां कर रही हैं। यहां शिक्षा के मंदिर में आने वाले छात्र-छात्राओ के हाथों में किताबों की जगह पर झाड़ू है। इन छात्रों की रोज़ की ड्यूटी ये है कि पहले वे अपने बैठने के स्थान को साफ करें और बाद में गुरुजनों से शिक्षा ग्रहण करें।
ज़िले के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के शुकुल बाज़ार ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले मनकापुर शिवली प्राइमरी विद्यालय की स्थिति ये है कि शिक्षक सुबह देर से विद्यालय आते हैं, और विद्यालय आनें वाले छात्रों की ज़िम्मेदारी ये है कि वो हाथों में झाड़ू पकड़ कर स्वयं पहले अपने हाथों से अपनी जगह को साफ करते हैं, बाद में किताबें खोलते हैं। इन छात्रों को ये सब तब करना पड़ रहा है जबकि योगी सरकार ने ये ज़िम्मेदारी स्कूल की रसोईयों व सफाई कर्मी को सौंपी हैं।
खाना बनाने के लिए सिलेंडर की कोई व्यवस्था नहीं
इससे भी ज़्यादा हैरत की बात ये है कि हफ्ते में 6 दिन चलने वाले प्रदेश के सभी सरकरी प्राइमरी स्कूलों का मेन्यू एक ही है लेकिन यहां वो मेन्यू भी धूल फांक रहा है। यहां आने वाले क़रीब 50 छात्र की मानें तो एमडीएम के तहत उन्हें हर दिन खाने में तहरी ही मिलती है। मज़े की बात ये है कि स्कूल में गैस चूल्हा है ही नहीं, ज़िम्मेदार लकड़ियां मंगाते ही नहीं, ऐसे में खाना बनाने वाली रसोईया आसपास से जो लकड़ियां बीन कर लाती है उसी से भोजन तैयार होता है।
डीएम बोले दोषियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
फिलहाल इस मामले में अमेठी के डीएम योगेश कुमार से जब बातचीत किया गया तो उन्होंने कहा कि ये बेहद संवेदनशील विषय है। इस प्रकार अगर छात्रों के भविष्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है तो निश्चित तौर पर वो दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने ये भी कहा है कि इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित करके औचक निरीक्षण भी कराया जाएगा।

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