भोपाल| प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस और करप्शन मुक्त प्रदेश की बात करते हैं वहीं उन्ही के सरकारी सेवक रिश्वत लेने एवं भ्रष्टाचार करने में पीछे नहीं हटते हैं | प्रदेश में आज दो जगहों पर रिश्वतखोरी के मामले सामने आये हैं| रीवा के कलक्ट्रेट में जहां एक बाबू को तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है, वहीं बालाघाट में सीएमओ दस हजार रूपये की रिश्वत लेते ट्रैप हुआ है| दोनों ही कार्रवाई लोकायुक्त ने की है|
तीन हजार लेते पकड़ाया बाबू
रीवा जिले का नवीन कलेक्ट्रेट भवन जहां जिले के मुखिया का दफ्तर है और जिले की मुखिया बैठती हैं उस स्थान में भी अधिकारी कर्मचारी को रिश्वत लेने में भय नहीं लगता है अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय से बाहर अधिकारी-कर्मचारी का आम जनता से क्या व्यवहार हो सकता है। आज दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त पुलिस डायवर्सन शाखा में पदस्थ बाबू को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाँथ गिरफ्तार किया| डायवर्सन शाखा में पदस्थ लिपिक द्वारिका प्रसाद पटेल ने जमीन के डायवर्सन करने के लिए कुंवर सिंह से तीन हजार रुपये की मांग की थी जिसकी शिकायत कुंवर सिंह निवासी ढेकहा द्वारा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा से की| मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने लोकायुक्त डीएसपी बी के पटेल के नेतृत्व में एक टीम गठित की,और आज जैसे ही शिकायतकर्ता द्वारा लिपिक को मांगी गई रकम दी गयी वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने लिपिक को रंगे हाँथ गिरिफ्तार कर लिया।
ठेकेदार से रिश्वत की पहली किश्त लेते धराया CMO
बालाघाट जिले की लांजी नगर पंचायत के 'सीएमओ' शिवलाल झारिया को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यहाँ एक ठेकेदार अमित आसटकर द्वारा सडक़ नाली व अन्य निर्माण कार्य किया गया था, जिसके भुगतान को पास कराने के लिए सीएमओ ने 25 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की थी| ठेकेदार द्वारा पहली किस्त के रूप में 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही थी। तभी लोकायुक्त ने छापामार करवाई कर रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया| ठेकेदार ने सीएमओ शिवलाल झारिया की शिकायत लोकायुक्त जबलपुर से की थी जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई की|
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