नवी अहमद:सिहोरन नाले के तेज बहाव में कार समेत डॉक्टर के साथ बहे कानपुर के एमआर का शव 70 घंटे बाद शुक्रवार सुबह 500 मीटर की दूरी पर मिल गया। नाले का उफान कम होने के बाद शव पीपल के पेड़ की जड़ों में फंसा मिला। सिर का आधा हिस्सा जलीय जीव-जन्तु खा गए थे। शव देखकर एमआर की बहनें और बच्चे बिलख पड़े, जिन्हें नाते-रिश्तेदारों ने संभाला।
कानपुर के यशोदा नगर निवासी एमआर अरुण सिंह सेंगर (43) 4 जुलाई की रात बसंत विहार कानपुर निवासी डॉ.वीके मिश्रा (45) के साथ महोबा से कानपुर जा रहे थे। रास्ते में सिहोरन नाले का रपटा पार करने की कोशिश में उनकी कार पानी के तेज बहाव में बह गई थी। डॉ.मिश्रा का शव 5 जुलाई की शाम को ही बरामद कर लिया गया था। एमआर अरुण का शव खोजने में पीएसी की फ्लड टीम स्थानीय गोताखोरों के साथ जुटी थी। नाले में झाड़-झंकाड़ होने से कांटा और जाल भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे शव की तलाश में काफी दिक्कतें आ रही थीं। शुक्रवार सुबह नाले का पानी घटने के बाद अरुण सेंगर का शव पेड़ से फंसा बरामद हुआ।
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