अशोक श्रीवास्तव अमेठी  
   
सांकेतिक छवि 

अमेठी-जनपद अमेठी में शिक्षा-माफियाओं के तार इतने लंबे हो चुके हैं कि कोई भी अधिकारी नजर डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है| सरकारी विद्यालयों की कमान रामभरोसे है, वही प्राइवेट विद्यालय के संचालकों में होड़ लगी है| 1 से लेकर 5 तक, 6 से लेकर कक्षा आठ तक मान्यता नहीं है परंतु जनपद में प्रबंधकों के द्वारा हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन होता है|

अनुभवी अध्यापक तो दूर हैं परंतु कम पैसे वाले अध्यापक विद्यालयों में शिक्षण देने का काम बखूबी निभा रहे हैं| इससे नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय है, भगवान भरोसे है|अमेठी जनपद की शिक्षा व्यवस्था की एक बानगी देखिए कि विकासखंड अमेठी के कई प्राइवेट विद्यालयों के विरुद्ध बीएसए अथवा एबीएसए अमेठी के द्वारा नोटिस भेजी जा चुकी है कि विद्यालय के प्रबंधक अथवा प्रधानाचार्य तत्काल प्रभाव से विद्यालय का संचालन बंद कर दें परंतु जनपद अमेठी में ऐसी नोटिस अथवा आदेश तो रद्दी की टोकरी में देखे जाते हैं अथवा फेके जाते हैं| विद्यालय के संचालको के ऊपर आदेश का असर नहीं है| वर्तमान समय में कई विद्यालय अमेठी विकासखंड में फर्जी है, इसमें किसी विद्यालय के पास बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा कोई मान्यता नहीं है परंतु प्राइवेट विद्यालय के संचालको अथवा प्रबंधक प्राचार्य मान्यता के नाम पर जीरो है परंतु विद्यालय में कक्षाएं चलती है| और तो और, इन विद्यालयो में जो मनमानी फीस बच्चों से ली जाती है उसकी कोई रसीद भी नहीं दी जाती है.

क्या योगी सरकार में इन शिक्षा माफियाओं के विरुद्ध कोई कानूनी कार्यवाही होगी, प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, क्या बेसिक शिक्षा अधिकारी अमेठी एवं संबंधित ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों के द्वारा इन विद्यालयों के संचालकों के ऊपर कोई कार्यवाही होगी, यह बहुत बड़ा जांच का विषय है| क्या जनपद अमेठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान चलेगा या अमेठी जनपद के शिक्षा माफियाओं का फरमान चलेगा?

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