क़ाज़ी अज़मत की विशेष रिपोर्ट :
    
 मौदहा कांड से जुडी अहम् तथ्यों  को समझने के लिए खबर के बाद दिए गए लिंक्स पर क्लिक करे.

ब्रेकिंग -गुडाही बाजार स्थित आवास में मिले 5 शवो पर बड़ा खुलासा, हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा जुगल किशोर जांच में पाया गया निर्दोष, जबकि मुख्य हत्यारे चढ़े पुलिस के हत्थे. ज्ञात हो की बहुचर्चित मौदहा हत्यकांड में पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच की जा रही थी, उस समय न्यूज मिरर ने पुलिस के सहायतार्थ इस पेचीदा सामूहिक हत्याकांड को सुलझाने के लिए निजी स्तर पर जाँच पड़ताल की थी. न्यूज मिरर ने  इन्वेस्टीगेशन  में कई अहम् सूत्र व जानकारियां साझा की थीं. जिसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने अपनी जाँच को विराम देते हुए पुष्पेंद्र सिंह पुत्र श्याम सिंह,निवासी खंडेह व जुगलकिशोर पुत्र विजय बहादुर निवासी ग्राम पासुन थाना सिसोलर जि0 हमीरपुर को दोषी करार दिया था. तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी द्वारा इस बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड की जाँच को इतने त्वरित तरीके से निपटाने को लेकर न्यूज मिरर ने प्रश्न चिन्ह उठाया था, क्यूंकि न्यूज मिरर ने  इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए बड़ी मसक्कत से जाँच पड़ताल की थी, लेकिन न्यूज मिरर के सवाल पर पुलिस अधीक्षक अशोक त्रिपाठी खीझ उठे थे, और न्यूज मिरर के सवाल को सिरे से ख़ारिज कर दिया था .
 

पुलिस अधीक्षक अशोक त्रिपाठी के तबादले के बाद हमीरपुर पुलिस अधीक्षक का पद संभाला दिनेश कुमार पी ने . जब वर्तमान पुलिस अधीक्षक ने उपरोक्त प्रकरण के अनावरण हेतु फाइलों को उलटना शुरू किया तो उन्हें कई संदिग्ध तथ्य मिले, जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने अपने निर्देशन में स्वाट (थाना प्रभारी मौदहा : प्रमेन्द्र कुमार, स्वाट टीम प्रभारी :रामाश्रय, का० रजत सिंह ,का० संदीप कुमार, का० संदीप यादव, का० अभय पांडेय, का० अनिल कुमार) को उपरोक्त प्रकरण के सबूतों व तथ्यों को बारीकी से जांचने का निर्देश दिया, तो उन्हें कई तथ्य मिले जिनके आधार पर 4 माह से सलाखों के पीछे रहे  जुगल किशोर को  वर्तमान पुलिस अधीक्षक ने अपने खुलासे में क्लीन सीट दे दिया है। साथ ही खुलासे  का श्रेय स्वाट टीम प्रभारी रामाश्रय यादव व कोतवाली प्रभारी प्रमेन्द्र कुमार देते हुए पूरी टीम को बताया बधाई का पात्र,

 पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान देते हुए बताया कि 10 मई को मौदहा कोतवाली के गुडाही बाजार स्थित आवास में 5 शव बरामद हुए थे जिस पर जुगल किशोर व पुष्पेंद्र के विरुद्ध मामला दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा गया था परन्तु उक्त पूरे मामले में कई बिंदुओं को संदिग्ध मानते हुए स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस को जांच जारी रखने हेतु निर्देश दिए गए थे ।

फलस्वरूप जुगल किशोर निर्दोष पाया गया व हत्यारो के रूप में मुख्य चेहरे जो सामने आए उनमे पुष्पेंद्र सिंह, अजय सिंह व मूलचंद उर्फ मुलुआ है जिन्होंने लूट के इरादे से हत्याए की चूंकि पुष्पेंद्र किरायेदार था अतः उसने उक्त दोनों साथियों संग हत्या के इरादे से घर मे प्रवेश किया, व शराब पीकर निर्मम हत्याओं को अंजाम दिया।

 बहुचर्चित सामूहिक हत्या कांड के इस खुलासे के लिए न्यूज मिरर  तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी, स्वाट टीम व जाँच प्रभारी/टीम को बधाई देता है.   

न्यूज मिरर के लिए क़ाज़ी अज़मत की विशेष रिपोर्ट 

 

 

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