बबलेश द्विवेदी
बिहार
के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के मुद्दे पर गठबंधन के सहयोगी दल राजद के साथ ना मिट सकने वाले मतभेदों का हवाला देते हुए आज इस्तीफा दे दिया।
कुमार ने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी को इस्तीफा सौंपने के बाद राज भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘बिहार में जो परिस्थितियां बनी हुई, उसमें महागठबंधन सरकार चलाना मुश्किल हो गया है।’’ उन्होंने नई सरकार बनाने के लिए भाजपा से समर्थन लेने की संभावना को खारिज नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे सुलझाने की कोशिश की .... मैंने किसी से इस्तीफे के लिए नहीं कहा .... मैंने केवल तेजस्वी से भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था।’’ ताजा घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है क्योंकि 243 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी दल के पास बहुमत नहीं है। कुमार की जदयू के पास 71 सीटें हैं जबकि तेजस्वी यादव के पिता लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राजद के पास 80 सीटें हैं। भाजपा के पास 53 सीटें हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या अब वह भाजपा के समर्थन से सरकार बनाएंगे, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘जो होना था हो गया। अब देखते हैं आगे क्या होता है।’’ बिहार में महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी। जीत के बाद नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2015 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

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